जालंधर /हावड़ा : NO HOME MEAL IN TRAIN : ट्रेन से यात्रा करते समय, बहुत से लोग अपने टिकट के साथ ही अपने खाने का भी इंतज़ाम कर लेते हैं और पूरी यात्रा के दौरान खाने का आनंद लेते हैं; इसके विपरीत, बहुत से लोग घर का बना खाना अपने साथ ले जाना पसंद करते हैं। हालाँकि, घर का बना खाना साथ ले जाने से कभी-कभी दिक्कतें भी हो सकती हैं—यहाँ तक कि जुर्माना भी लग सकता है। एक यात्री को घर की रोटी सब्जी खाने पर जुर्माना हो गया। जानेगें क्यों।
इसलिए, आपको अपनी यात्रा के दौरान यह गलती न करने के प्रति सावधान रहना चाहिए। वरना, यह यात्रा आपके लिए महँगी साबित हो सकती है, जिससे आपकी यात्रा का मज़ा किरकिरा हो सकता है और आपकी जेब भी हल्की हो सकती है।
रेलवे स्टेशन परिसर के अंदर साफ़-सफ़ाई बनाए रखना न केवल पर्यावरण संरक्षण के लिए ज़रूरी है, बल्कि यात्रियों की सुरक्षा के लिए भी अनिवार्य है। रेलवे परिसर के अंदर कूड़ा फैलाने की गलत आदत को रोकने के लिए कड़ी निगरानी रखी जा रही है। पोरे देश में इस चल रहे अभियान के तहत लगातार कार्रवाई की जा रही है। एक ही दिन में, पूर्वी रेलवे के विभिन्न स्टेशनों पर कूड़ा फैलाने के कुल 1,447 मामले पकड़े गए, जिसके परिणामस्वरूप ₹2,89,400 का जुर्माना वसूला गया। भविष्य में भी ऐसे अभियान जारी रहेंगे।
इस अभियान के दौरान, एक किस्सा सामने आया। एक परिवार ट्रेन से यात्रा कर रहा था और अपने साथ घर का बना खाना ले जा रहा था। उन्होंने रास्ते में अपना खाना खाया, लेकिन बचा हुआ खाना अपनी सीटों के ठीक बगल में ही छोड़ दिया। इसके कुछ ही देर बाद रेलवे के कर्मचारी वहाँ पहुँचे और उन पर जुर्माना लगा दिया। उन्होंने बहुत मिन्नतें कीं लेकिन गन्दगी फैलाने का नतीजा उनको भुगतना पड़ा।
अकेले हावड़ा मंडल में 457 मामले और आसनसोल में, 217 मामलों में कुल ₹43,400 का जुर्माना वसूला गया। इन जुर्मानों को वसूलने का मुख्य उद्देश्य जागरूकता फैलाना है। रेलवे परिसर के अंदर कूड़ा फैलाना न केवल पर्यावरण को नुकसान पहुँचाता है, बल्कि यह एक दंडनीय अपराध भी है।
रेल कर्मियों ने बताया -वहीँ कुछ पढ़े लिखे भी ट्रेन में देखे जा सकते हैं जो साथ में लिफाफे लेकर चलते हैं और कूड़ा उसमें रखते जाते हैं। जहँ कहीं भी ट्रेन का लम्बा स्टॉपेज होता है वहां पर उतर कर उसे डस्टबिन में डाल देते हैं। ट्रेन के अंदर भी कूड़ेदान में ही गंद फेंकना चाहिए। उन्होंने कहा कि लम्बे रूट वाली ट्रेन में सफाई का मसला ज्यादा रहता है।






