इंटरनेशनल डेस्क। Europe Weather : गर्मी की मार केवल भारत देश ही नहीं, यूरोप भी झेल रहा है। 1980 के बाद इस बार फिर लोग तापमान के 40 डिग्री से ज्यादा होने के कारण परेशान हैं। छोटे बच्चों को स्कूल की बजाय वहां बिठाया जा रहा जहाँ ठंडक हो।
फ्रांस से खबर है कि लोग ठन्डे होने के लिए नहरों, नदियों और झीलों में डुबकी लगा रहे जिससे करीब 40 लोगों के डूब जाने की खबर है। यही नहीं प्रशासन ने यहाँ रेड अलर्ट घोषित किया है। लोगों से बिना काम बाहर न निकलने की सलाह दी गई है।
सनद रहे यहाँ ज्यादातर घरों में पंखे नहीं होते। गर्मी बढ़ते ही लोग इलेक्ट्रॉनिक्स की दुकानों में गए और टेबल फैन खरीदने शुरू कर दिए जिससे यहाँ इनकी किल्लत हो गई है। ऐसी दुकानों के बाहर लम्बी लाइन दिख रही।
Britain, Italy and Spain का भी यही हाल है। यहाँ भी गर्मी से जीवन अस्त व्यस्त हो गया है। पेरिस में प्रशासन ने 25 साल से कम उम्र और 65 साल से ज्यादा उम्र के लोगों के लिए सिनेमा टिकट फ्री कर दिए हैं ताकि लोग हाल के अंदर बैठ कर कूलिंग का मज़ा ले सकें। कई ट्रेन बंद कर दी गईं हैं ताकि EMPLOYESS ट्रेवल न करें और सुरक्षित रहें। जर्मनी में भी तापमान 30 डिग्री से ऊपर चल रहा है।जर्मनी में भी तापमान 30 डिग्री से ऊपर चल रहा है।

ब्रिटेन के मौसम विभाग ने दक्षिणी इंग्लैंड में 37C तक तापमान का अनुमान लगाया है जो शायद जून का नया रिकॉर्ड है।
बेल्जियम में, बढ़ते तापमान की वजह से ब्रसेल्स के पास तेर्वुरेन के एक प्राइमरी स्कूल को अपने आखिरी एग्जाम पास के एक चर्च में कराने पड़े।
पिछले चार सालों में, पूरे यूरोप में 200,000 से ज़्यादा लोग गर्मी से जुड़ी वजहों से मरे हैं, और उनमें से ज़्यादातर मौतों को रोका जा सकता था, वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइज़ेशन के यूरोप ऑफिस ने इस महीने कहा। औसत से ज़्यादा तापमान से हीट एग्जॉशन और जानलेवा हीट स्ट्रोक हो सकता है।










