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PGI स्टाफ गरीब मरीजों के 1.14 करोड़ रु. खा गया, मरे मरीजों की भी ग्रांट ली, CBI चार्जशीट फाइल करेगी

October 31, 2026 7:35 AM
PGI स्टाफ गरीब मरीजों के 1.14 करोड़ रु. खा गया, मरे मरीजों की भी ग्रांट ली, CBI चार्जशीट फाइल करेगी
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चंडीगढ़ .PGI का स्टाफ गरीब मरीजों के 1.14 करोड़ रु. खा गया । यहीं नहीं मरे हुए मरीजों की भी ग्रांट निकाल ली गई । जब से यह घोटाला सामने आया है तब से लोगों की नींद उड़ गई है कि अगर PGI में यह सब हो सकता है तो कोई भी अस्पताल सेफ नहीं । करप्शन से आम जनता का बच पाना मुश्किल है । PGIके प्राइवेट ग्रांट सेल में हुए इस घोटाले की जांच आखिरी स्टेज में है। CBI अगले महीने तक इस मामले में चार्जशीट फाइल कर सकती है। दिसंबर 2025 में दर्ज FIR की जांच के दौरान PGI के छह कर्मचारियों समेत आठ आरोपियों के नाम सामने आए हैं।

CBI के मुताबिक, गोल चौक पर फोटोस्टेट की दुकान चलाने वाले दुर्लभ ने अपने साथी साहिल सूद के साथ मिलकर ग्रांट सेल के अधिकारियों की मिलीभगत से यह घोटाला किया। गरीब और जरूरतमंद मरीजों के लिए मिलने वाली फाइनेंशियल मदद को फर्जी डॉक्यूमेंट्स के जरिए दुर्लभ, साहिल और उनके रिश्तेदारों के अकाउंट में ट्रांसफर किया गया। कुछ मामलों में तो मरे हुए मरीजों के नाम पर भी ग्रांट ली गई। CBI की टीम पिछले कई दिनों से PGI के अधिकारियों और कर्मचारियों से पूछताछ कर रही है।

FIR में रिटायर्ड जूनियर एडमिनिस्ट्रेटिव असिस्टेंट धर्मचंद, मेडिकल रिकॉर्ड क्लर्क सुनील कुमार, LDC प्रदीप सिंह और चेतन गुप्ता, हॉस्पिटल अटेंडेंट नेहा और ग्रांट सेल कर्मचारी गगनप्रीत सिंह के नाम हैं। इनके अलावा फोटोस्टेट शॉप चलाने वाले दुर्लभ और उसके साथी साहिल सूद पर भी आरोप है।

CBI जांच के मुताबिक, दुर्लभ कुमार आयुष्मान भारत और हिमकेयर स्कीम के स्कैम में भी शामिल रहा है। चंडीगढ़ क्राइम ब्रांच उसे करोड़ों के स्कैम में पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है।

प्राइवेट ग्रांट सेल क्या है

PGI का यह सेल प्राइवेट कंपनियों, संस्थाओं और दूसरे संगठनों से मिले पैसे को मैनेज करता है। इसका इस्तेमाल मेडिकल रिसर्च, नई टेक्नोलॉजी और गरीब व जरूरतमंद मरीजों के इलाज के लिए किया जाता है।

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