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Behbal kalan Firing : DIG हरजीत SIT दफ़्तर पहुँचे, विजय सांपला की है पेशी

July 16, 2026 8:00 AM
Behbal kalan Firing : DIG हरजीत SIT दफ़्तर पहुँचे, विजय सांपला की है पेशी
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चंडीगढ़: Behbal kalan Firing : SIT प्रमुख DIG हरजीत सिंह आज SIT दफ़्तर पहुँचे। यहाँ वो बहबल कलां फायरिंग मामले में BJP नेता विजय सांपला से कई पहलुओं पर बात करेंगे। आज BJP नेता विजय सांपला SIT के सामने पेश होंगे।

सनद रहे 2015 के चर्चित बेअदबी और बहबल कलां गोलीकांड मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। इससे पहले मामले में पूछताछ के लिए पंजाब भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष विजय सांपला को पहले जालंधर स्थित पीएपी कॉम्प्लेक्स में तलब किया गया था।

एसआईटी ने विजय सांपला को जारी समन में कहा था कि वह मामले के तथ्यों और परिस्थितियों से भली-भांति परिचित प्रतीत हैं। इसी आधार पर जांच टीम उनसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर पूछताछ कर उनका बयान दर्ज करेगी। इस मामले में फरीदकोट के तत्कालीन डिप्टी कमिश्नर (डीसी) मालविंदर सिंह जग्गी को भी पूछताछ के लिए बुलाया गया था। जांच एजेंसियों का मानना है कि बेअदबी और गोलीकांड के दौरान प्रशासनिक स्तर पर लिए गए फैसलों को लेकर उनसे अहम जानकारी मिल सकती है।

वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के पूर्व ओएसडी रहे आईएएस अधिकारी गगनदीप सिंह बराड़ को भी दोबारा समन जारी किया गया था। हालांकि उनसे पहले भी कई दौर की पूछताछ हो चुकी है, लेकिन एसआईटी इस बार तत्कालीन मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच हुए संवाद और घटनाक्रम की गहराई से पड़ताल करना चाहती है।

गौरतलब है कि एसआईटी की यह जांच 14 अक्टूबर और 21 अक्टूबर 2015 को थाना बाजाखाना में दर्ज दो अलग-अलग मामलों के आधार पर चल रही है। बेअदबी की घटनाओं और उसके बाद हुए बहबल कलां गोलीकांड ने पंजाब की राजनीति और सामाजिक माहौल पर गहरा प्रभाव डाला था। अब जांच टीम प्रमुख गवाहों और अधिकारियों से आमने-सामने पूछताछ कर मामले की सच्चाई तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।

इससे पहले के घटनाक्रम में डीआईजी बठिंडा हरजीत सिंह के नेतृत्व में एसआईटी ने इन मामलों से जुड़े महत्वपूर्ण घटनास्थलों का दौरा कर जांच की प्रगति की समीक्षा की ।

टीम ने पुराने रिकॉर्ड, उपलब्ध साक्ष्यों और घटनाक्रम का दोबारा अध्ययन करते हुए जांच को आगे बढ़ाने की प्रक्रिया शुरू की। एसआईटी सबसे पहले गांव बुर्ज जवाहर सिंह वाला स्थित गुरुद्वारा साहिब पहुंची। यह वही स्थान है, जहां एक जून 2015 को श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी का स्वरूप चोरी होने की घटना सामने आई थी। इसके बाद टीम गांव बरगाड़ी पहुंची, जहां 12 अक्टूबर 2015 को बेअदबी की घटना हुई थी। अधिकारियों ने घटनास्थल का बहुत बारीकी से निरीक्षण किया।

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