📰 Mysuru Corporation की अनोखी पहल: सड़क किनारे लगाए गए शीशे, खुले में पेशाब रोकने की कोशिश
मैसूर:
कर्नाटक के मैसूर में सिविक हाइजीन सुधारने के लिए एक अनोखी पहल की गई है। Mysuru City Corporation ने पब्लिक में पेशाब करने की समस्या से निपटने के लिए सड़क किनारे रिफ्लेक्टिव स्टील मिरर लगाए हैं, ताकि लोग खुले में पेशाब करने से पहले अपनी ही परछाई देखकर रुक जाएँ।
🚏 बस स्टैंड के पास लगाया गया खास इंस्टॉलेशन
यह पहल मैसूर सबअर्बन बस स्टैंड के सामने करीब 80 मीटर लंबे हिस्से में लागू की गई है, जहाँ मिरर फिनिश वाली स्टेनलेस स्टील शीट्स लगाई गई हैं।
अधिकारियों के मुताबिक, यह अपनी तरह की पहली पहल है, जिसका उद्देश्य लोगों को मनोवैज्ञानिक तरीके से जागरूक करना है।
🧠 कैसे काम करेगा यह आइडिया?
कॉर्पोरेशन का मानना है कि जब लोग खुद को शीशे में देखेंगे, तो वे सार्वजनिक जगह पर पेशाब करने से बचेंगे।
अधिकारियों ने कहा:
“यह एक आसान लेकिन प्रभावी साइकोलॉजिकल तरीका है, जो लोगों में खुद से जागरूकता पैदा करता है और सिविक सेंस बढ़ाने में मदद करता है।”
📱 सोशल मीडिया पर वायरल हुई पहल
इस अनोखे इंस्टॉलेशन के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गए।
- कई लोगों ने प्रशासन की क्रिएटिव सोच की तारीफ की
- कुछ यूज़र्स ने कहा कि असली जरूरत ज्यादा साफ-सुथरे पब्लिक टॉयलेट्स की है
- वहीं कुछ लोगों ने बेसिक सिविक सेंस की कमी पर चिंता जताई
🚻 टॉयलेट होने के बावजूद जारी थी समस्या
नितेश पाटिल ने बताया कि बस स्टैंड के पास पब्लिक टॉयलेट मौजूद होने के बावजूद लोग खुले में पेशाब कर रहे थे।
बार-बार चेतावनी और जुर्माने के बाद भी स्थिति में सुधार नहीं हो रहा था, जिससे इलाके में बदबू और गंदगी फैल रही थी।
💡 इंजीनियर के आइडिया से शुरू हुई पहल
नितेश पाटिल के अनुसार:
“हमारे एक इंजीनियर को यह आइडिया आया, जिसके बाद हमने इसे लागू करने का फैसला किया। जनता और सोशल मीडिया से इसका बहुत अच्छा रिस्पॉन्स मिला है।”
अब प्रशासन शहर के अन्य इलाकों में भी ऐसे रिफ्लेक्टिव इंस्टॉलेशन लगाने की योजना बना रहा है।
🌃 LED लाइटिंग से बढ़ेगी सुंदरता
इस प्रोजेक्ट के तहत रात में बेहतर विज़िबिलिटी और शहर की खूबसूरती बढ़ाने के लिए LED लाइटिंग भी लगाई गई है।
अधिकारियों का कहना है कि इससे न सिर्फ साफ-सफाई को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि शहर का लुक भी बेहतर होगा।
🏆 ‘सबसे साफ शहर’ बनने का लक्ष्य
नितेश पाटिल ने कहा कि मैसूर को देश का सबसे साफ और हाइजीनिक शहर बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
गौरतलब है कि Swachh Survekshan Awards 2024-25 में मैसूर ने पूरे देश में तीसरा स्थान हासिल किया था।
📌 निष्कर्ष
मैसूर की यह पहल दिखाती है कि कभी-कभी छोटी लेकिन क्रिएटिव सोच भी बड़ी सामाजिक समस्याओं का समाधान बन सकती है।
अब देखने वाली बात होगी कि क्या यह ‘मिरर मॉडल’ दूसरे शहरों में भी अपनाया जाता है या नहीं।










