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DHRUV RATHEE CJP के प्रदर्शन में, CEC हटाओ आंदोलन को मिल सकती है नई धार

October 7, 2026 6:58 PM
dhruv rathee in india
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8 अक्टूबर को बेंगलुरु में प्रदर्शन में शामिल होने का ऐलान

CEC के इस्तीफे की मांग को मिलेगा नया सियासी बल

dhruv rathee : स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन यानी SIR को लेकर कांग्रेस, जनता पार्टी और अन्य विपक्षी दलों की ओर से जारी विरोध अब और तेज होता नजर आ रहा है। CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग और तेज होती जा रही है। 8 अक्टूबर को इस आंदोलन में चर्चित यूट्यूबर ध्रुव राठी की एंट्री होने जा रही है। ध्रुव राठी ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर बेंगलुरु पहुंचकर CJP के आंदोलन को समर्थन देने की जानकारी दी है। उनके इस वीडियो को लाखों लाइक्स मिल चुके हैं।

ध्रुव राठी के आंदोलन में शामिल होने से SIR के मुद्दे को सोशल मीडिया पर भी बड़ा प्लेटफॉर्म मिलने की संभावना है। राठी 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान अपने रिसर्च आधारित वीडियो और राजनीतिक विश्लेषण को लेकर खासे चर्चा में रहे थे। उनके वीडियो करोड़ों लोगों तक पहुंचते हैं। ऐसे में उनका किसी आंदोलन के मंच पर आना उसके संदेश को व्यापक स्तर पर पहुंचाने में अहम भूमिका निभा सकता है।

लोग अब इस विरोध का हिस्सा बन रहे

आंदोलन के समर्थक और अभिनेता प्रकाश राज ने भी एक वीडियो जारी कर प्रदर्शन में शामिल होने वाले अन्य लोगों का जिक्र किया है। इनमें छात्र नेता आइशी घोष, ऑल इंडिया स्टूडेंट यूनियन की नेता नेहा बोरा समेत कई अन्य लोगों के नाम बताए गए हैं। आंदोलन से जुड़े लोगों का आरोप है कि SIR के दौरान बड़ी संख्या में लोगों के नाम अलग-अलग कारणों का हवाला देकर मतदाता सूची से हटाए गए हैं और ऐसे लोग अब इस विरोध का हिस्सा बन रहे हैं।

8 अक्टूबर को पीपुल्स ट्रिब्यूनल के बाद CJP की ओर से महिला पत्रकारों के समर्थन में भी प्रदर्शन किया जाएगा। आशुतोष रंका ने अपने एक्स अकाउंट पर इससे जुड़े पोस्टर साझा किए हैं। इन पोस्टरों में महिलाओं की सुरक्षा, स्वतंत्रता और सम्मान से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता दी गई है। पोस्टरों के जरिए संदेश दिया गया है कि महिलाओं की सुरक्षा और स्वतंत्रता से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

इस पूरे घटनाक्रम में सबसे बड़ा राजनीतिक पहलू ध्रुव राठी की मौजूदगी को माना जा रहा है। SIR के खिलाफ पहले से चल रहे विरोध को अब सोशल मीडिया पर भी बड़ा समर्थन मिल सकता है। वहीं, मुख्य चुनाव आयुक्त गणेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शनकारियों की आवाज भी और मुखर होने की संभावना है।

अब सवाल यही है कि 8 अक्टूबर को बेंगलुरु में ध्रुव राठी समेत दूसरे नेताओं और कार्यकर्ताओं की मौजूदगी SIR विरोधी आंदोलन को कितना बड़ा राजनीतिक और जनसमर्थन देती है। जिस मुद्दे पर विपक्ष पहले से सरकार और चुनाव आयोग को घेर रहा है, उसमें सोशल मीडिया के बड़े चेहरे की एंट्री निश्चित तौर पर आंदोलन की पहुंच और चर्चा दोनों को बढ़ा सकती है।

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