चंडीगढ़। New expressway : दिल्ली और दक्षिणी हरियाणा के बीच यात्रा करने वालों के लिए अच्छी खबर है। एक नए एक्सप्रेसवे कॉरिडोर के आखिरी हिस्से का काम पूरा होने के बाद, अब यात्रा के समय में काफी कमी आएगी। सराय काले खां को सोहना और पलवल से जोड़ने वाले इस रूट पर किए गए ट्रायल रन से पता चला है कि अब यह सफर लगभग 45 मिनट में पूरा किया जा सकता है। यह एक बड़ा सुधार है, क्योंकि पीक ट्रैफिक के समय इसी सफर में पहले तीन घंटे से साढ़े तीन घंटे तक लग जाते थे।
यह घोषणा दक्षिण दिल्ली के सांसद रामवीर सिंह बिधूड़ी ने की। उन्होंने हाल ही में केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के साथ इस बुनियादी ढांचे का निरीक्षण किया था। हालांकि यह प्रोजेक्ट अब पूरी तरह शुरू होने के करीब है।
क्षेत्रीय कनेक्टिविटी और ट्रैफिक फ्लो में सुधार
यह इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट 59 किमी लंबे DND-फरीदाबाद-सोहना एक्सेस कंट्रोल्ड हाईवे (NH-148A) को DND फ्लाईओवर और जैतपुर के बीच के 9 किमी लंबे हिस्से से जोड़ता है। इसे इस तरह डिज़ाइन किया गया है कि राजधानी और दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे नेटवर्क के बीच आवाजाही आसान हो सके। सराय काले खां को जैतपुर और मीठापुर के जरिए जोड़ने वाला यह कॉरिडोर, फरीदाबाद और कुंडली-मानेसर-पलवल (KMP) एक्सप्रेसवे तक सीधा संपर्क प्रदान करता है।
बिधूड़ी के अनुसार, इस नए रूट से आश्रम चौक, कालिंदी कुंज और मथुरा रोड जैसे जाम वाले इलाकों में भीड़ कम होने की उम्मीद है। फरीदाबाद, बल्लभगढ़ और सोहना की ओर जाने वाले ट्रैफिक को रिंग रोड (जिस पर पहले से ही बहुत ज्यादा दबाव है) से हटाकर इस नए रूट पर डायवर्ट किया जाएगा। इससे रोज़ाना सफर करने वालों का समय भी बचेगा और ईंधन की खपत भी कम होगी। अनुमान है कि DND फ्लाईओवर से फरीदाबाद तक का सफर लगभग 20 मिनट में पूरा हो सकेगा, जबकि अभी आश्रम और बदरपुर बॉर्डर के बीच के रास्ते में अक्सर 30 मिनट तक का समय लग जाता है।

मौजूदा स्थिति और आगे के कदम
यह कॉरिडोर अभी अलग-अलग चरणों में काम कर रहा है। दिल्ली के भीतर DND फ्लाईओवर से जैतपुर तक का 9 किमी लंबा हिस्सा फिलहाल ट्रायल के तौर पर खुला हुआ है। इस दौरान, यह हिस्सा टोल-फ्री रहेगा। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने यहाँ 40 किमी प्रति घंटे की गति सीमा तय की है और वे ट्रैफिक के बहाव तथा तकनीकी कामकाज पर नज़र रखेंगे।
इसके विपरीत, हरियाणा में स्थित 50 किमी का हिस्सा जो जैतपूर से सोहना और KMP एक्सप्रेसवे की ओर जाता है, ट्रायल चरण से आगे निकल चुका है। यह पूरी तरह से चालू है और यहाँ टोल की वसूली भी हो रही है। हालाँकि, अंतिम हिस्से का पूरा होना क्षेत्रीय बुनियादी ढाँचे के लिए एक बड़ी उपलब्धि है, लेकिन रोज़मर्रा के सफर पर इसका असल असर इस बात पर निर्भर करेगा कि अंतिम परिचालन व्यवस्था कैसी रहती है और ट्रैफिक का प्रबंधन कैसे किया जाता है, क्योंकि यह मार्ग शहर के व्यापक परिवहन नेटवर्क का हिस्सा बन जाएगा।





