WEATHER UPDATE : कई इलाकों में बारिश, तूफ़ान की चेतावनी
जालंधर / शिमला /नई दिल्ली : WEATHER UPDATE : देश का मौसम कई बदलाव दिखा रहा है। इस बार अप्रैल के पहले हफ्ते तक गर्मी से राहत रही। अभी भी रात को मौसम ठंडा है। मौसम विभाग की मानें तो अप्रैल में उत्तराखंड में बर्फ गिरने की सम्भावना जताई गई है। लेकिन कई इलाके ऐसे हैं जो तपेंगे उनमें पंजाब, महाराष्ट्र और राजस्थान के अलावा मध्य प्रदेश भी है। यहाँ अगला हफ्ता तपेगा और 42 से 45 डिग्री तक जायेगा।
आंध्र प्रदेश के लिए चेतावनी जारी की गई है कि तापमान बढ़ेगा लोग बिना छतरी या परना आदि के बिना न निकलें। बच्चे और बूढ़े घर में रहें तो बेहतर है।
पंजाब और दिल्ली एनसीआर के तापमान में दोपहर को अभी से तपिश महसूस की जा रही। जलंधरा में आज दोपहर को तापमान 36 डिग्री तक गया।
ज़्यादा UV इंडेक्स वाली धूप में लंबे समय तक रहने से सेहत से जुड़ी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं, जैसे कि सनबर्न, त्वचा के रोग, आँखों को नुकसान और कमज़ोर इम्यूनिटी। पिछले 24 घंटों में केरल में UV इंडेक्स काफ़ी ज़्यादा रहा है, खासकर सुबह 10:00 बजे से दोपहर 3:00 बजे के बीच, जब रेडिएशन का स्तर सबसे ज़्यादा होता है।
अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि जो लोग लंबे समय तक सीधे धूप में रहते हैं, उन्हें ज़्यादा खतरा होता है; इसलिए भारत में UV सुरक्षा से जुड़े दिशा-निर्देशों का पालन करना बहुत ज़रूरी है।
DOCTORS का कहना है कि ज़्यादा UV के संपर्क में आने पर ज़्यादा सावधानी बरतनी चाहिए। इस एडवाइज़री में कई ऐसे कमज़ोर समूहों के बारे में बताया गया है, जिन्हें बहुत ज़्यादा गर्मी और UV के संपर्क में आने पर खास सावधानी बरतनी चाहिए:
1. बाहर काम करने वाले मज़दूर और कर्मचारी
2. समुद्र और अंदरूनी जल-क्षेत्रों में मछली पकड़ने वाले मछुआरे
3. यात्री और सैलानी
4. बाइक चलाने वाले और रोज़ाना सफ़र करने वाले लोग
5. त्वचा या आँखों की बीमारियों से पीड़ित लोग
6. कैंसर के मरीज़ और कमज़ोर इम्यूनिटी वाले लोग
इन समूहों को UV से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा ज़्यादा होता है, खासकर दिन के सबसे तेज़ धूप वाले घंटों में न निकलें तो अच्छा रहेगा। ।

UV से बचाव के सुझाव:
1. सुरक्षा देने वाले कपड़े पहनें, जैसे कि पूरी आस्तीन वाले सूती कपड़े
2. टोपी, छाता और UV-सुरक्षित धूप का चश्मा इस्तेमाल करें
3. दिन के सबसे तेज़ धूप वाले घंटों में सीधे धूप में जाने से बचें
4. छायादार या ठंडी जगहों पर बार-बार आराम करें
5. शरीर में पानी की कमी न होने दें और बाहर ज़्यादा शारीरिक मेहनत वाले काम करने से बचें
इसके अलावा, पानी के स्रोतों और रेतीले इलाकों के पास रहने वाले लोगों को भी सावधान रहना चाहिए, क्योंकि ये सतहें अल्ट्रावॉयलेट किरणों को परावर्तित कर सकती हैं, जिससे UV के संपर्क में आने का कुल खतरा बढ़ जाता है।









