जालंधर। PUNJAB NEWS : पंजाब में AAP सरकार को सोमवार यानि कि 14 सितम्बर से किसानों के साथ टकराव का एक और दौर झेलना पड़ेगा, क्योंकि किसान मज़दूर मोर्चा (KMM) पंजाब विधानसभा स्पीकर कुलतार संधवा और AAP के सात मंत्रियों के घरों का घेराव करेगी। इन मंत्रियों में राज्य पार्टी अध्यक्ष अमन अरोड़ा भी शामिल हैं। यह विरोध प्रदर्शन पांच दिन होगा।
पंजाब सरकार पहले ही कई मोर्चो पर कर्मचारियों और पेंशनर्स के साथ जूझ रही है। DAपर घिरी हुई है। बीच में कई ऐसी घटनाएं हो जाती हैं जो उनकी छवि धूमिल करती हैं। ऐसे में किसानों का फिर से मोर्चा खोलना एक बड़ी चुनौती है।
BKU एकता उगराहां ने हालाँकि शनिवार से ही मंत्रियों का घेराव शुरू कर दिया है। KMM की कार्रवाई अब किसानों के आंदोलन को सत्ताधारी पार्टी के लिए एक सीधी राजनीतिक चुनौती में बदलने का संकेत दे रही है।
यह बढ़ोतरी KMM द्वारा सभी 22 ज़िलों में डिप्टी कमिश्नरों के ऑफिस के बाहर विरोध प्रदर्शन करने के बमुश्किल दो हफ़्ते बाद और चंडीगढ़-मोहाली बॉर्डर पर संयुक्त किसान मोर्चा के सात दिन के विरोध प्रदर्शन के एक हफ़्ते बाद हुई है।
किसान नेता सरवन पंढेर ने चेतावनी दी है कि जब तक सरकार उनकी मांगों को गंभीरता से नहीं लेती और बातचीत शुरू नहीं करती, KMM 16 सितंबर की अपनी मीटिंग में आंदोलन के एक तेज़ दौर पर फ़ैसला करेगा।
इसकी सबसे बड़ी वजह धान की फ़सल के लिए बिजली सप्लाई और खाद की उपलब्धता का संकट है। लेकिन KMM इसके अलावा भी कई मांगें कर रही है। इनमें MSP, खेती का कर्ज़, नदी का पानी, ज़मीन अधिग्रहण, ड्रग्स, बेरोज़गारी और केंद्र के साथ रिश्ते जैसे दूसरे मुद्दे भी शामिल हैं।

KMM बासमती, मक्का, मूंग, सरसों और आलू के लिए MSP पर सरकारी खरीद, किसान और खेत मज़दूरों का पूरा कर्ज़ माफ़ करना, आत्महत्या करने वाले किसानों और मज़दूरों के परिवारों को मुआवज़ा और नौकरी देना, और बाढ़, ग्राउंडवाटर की कमी और प्रदूषण से निपटने के लिए भी एक पॉलिसी की मांग कर रहा है।
वे राज्य सरकार से लैंड पूलिंग पॉलिसी वापस लेने, पाकिस्तान के साथ वाघा के रास्ते ट्रेड रूट खोलने और भारतमाला प्रोजेक्ट के लिए ज़बरदस्ती ज़मीन अधिग्रहण खत्म करने की भी मांग कर रहे हैं।
किसान सीड एक्ट, 2025; कोऑपरेटिव सोसाइटीज़ एक्ट, 2026; MGNREGA की जगह लेने वाले कानूनों; और इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल, 2025 के खिलाफ़ भी विधानसभा में प्रस्ताव लाने की मांग कर रहे हैं। उन्होंने प्रीपेड बिजली मीटर का विरोध किया है और भारत-US ट्रेड एग्रीमेंट के लिए पंजाब सरकार की साफ़ मनाही के लिए एक प्रस्ताव लाने की मांग की है।
इन मंत्रियों के घरों तक होगा विरोध प्रदर्शन
जंडियाला में हरभजन सिंह ETO, सुनाम में अमन अरोड़ा, भोआ में लाल चंद कटारूचक, होशियारपुर में रवजोत सिंह, मुक्तसर में गुरमीत खुद्डियां, जालंधर में मोहिंदर भगत और लुधियाना में हरदीप मुंडियां के घरों के बाहर किए जाएंगे। फरीदकोट में स्पीकर कुलतार सिंह का घर भी विरोध का सेंटर होगा।









