नई दिल्ली /न्यूयॉर्क। BIG BREAKING : US में इस्तेमाल होने वाले दो आम इमिग्रेशन फ़ॉर्म 15 सितंबर, 2026 से बदलने वाले हैं। इसमें से एक का इस्तेमाल योग्य विदेशी नागरिक अपने अस्थायी इमिग्रेशन स्टेटस को बढ़ाने या बदलने के लिए करते हैं और दूसरे का इस्तेमाल काम करने की अनुमति के लिए आवेदन करने में होता है। यह हैं US सिटिज़नशिप एंड इमिग्रेशन सर्विसेज़ (USCIS) फ़ॉर्म I-539 और फ़ॉर्म I-765। यह अब नए वर्शन के साथ पुराने वर्शन का इस्तेमाल करने वाले आवेदकों को कोई अतिरिक्त समय (ग्रेस पीरियड) नहीं दिया जाएगा।
फ़ॉर्म I-539 का इस्तेमाल उन कुछ नॉन-इमिग्रेंट लोगों द्वारा किया जाता है जो पहले से ही US में हैं और अपने प्रवास (stay) को बढ़ाना चाहते हैं या किसी अन्य योग्य अस्थायी स्टेटस में बदलना चाहते हैं। वहीं, फ़ॉर्म I-765 का इस्तेमाल योग्य विदेशी नागरिक ‘एम्प्लॉयमेंट ऑथराइज़ेशन डॉक्यूमेंट’ (EAD) के लिए आवेदन करने के लिए करते हैं, जो US में काम करने की अनुमति देता है।
एक महीने के बाद आवेदकों को पुराने वर्शन का इस्तेमाल जारी रखने के लिए कोई अतिरिक्त समय नहीं मिलेगा। इन बदलावों का मकसद फ़ॉर्म को हाल ही में जारी किए गए उस अंतिम नियम के अनुरूप बनाना है, जिसमें कुछ नॉन-इमिग्रेंट एकेडमिक छात्रों, एक्सचेंज विज़िटर्स और विदेशी सूचना मीडिया के प्रतिनिधियों के लिए प्रवेश की निश्चित अवधि और प्रवास बढ़ाने की प्रक्रिया तय की गई है।
आवेदकों को क्या पता होना चाहिए
फ़ॉर्म I-539 भरने वाले आवेदकों के लिए, USCIS मौजूदा 28 अगस्त, 2024 वाले वर्शन को स्वीकार करेगा यदि उस पर 15 सितंबर से पहले की पोस्टमार्क तारीख हो या उसे इलेक्ट्रॉनिक रूप से जमा किया गया हो। हालाँकि, यदि इसे 15 सितंबर को या उसके बाद जमा किया जाता है, तो एजेंसी उस वर्शन को अस्वीकार कर देगी। उस तारीख से, केवल नया 15 सितंबर, 2026 वाला वर्शन ही स्वीकार किया जाएगा।
यही समय-सीमा फ़ॉर्म I-765 पर भी लागू होती है। USCIS 21 अगस्त, 2025 वाले वर्शन को स्वीकार करेगा यदि उस पर 15 सितंबर से पहले की पोस्टमार्क तारीख हो या उसे इलेक्ट्रॉनिक रूप से जमा किया गया हो। समय-सीमा पर या उसके बाद उस वर्शन का इस्तेमाल करने वाले आवेदनों को अस्वीकार कर दिया जाएगा, और केवल 15 सितंबर, 2026 वाला वर्शन ही स्वीकार किया जाएगा।
USCIS ने बदलाव से पहले संशोधित फ़ॉर्म और उनके निर्देशों के प्रीव्यू वर्शन जारी कर दिए हैं। हालाँकि, आवेदकों को खास तौर पर सलाह दी गई है कि वे 15 सितंबर से पहले 15 सितंबर वाले वर्शन फ़ाइल न करें, क्योंकि एजेंसी उन्हें तभी स्वीकार करेगी जब उन पर उस तारीख या उसके बाद की पोस्टमार्क लगी हो या उन्हें इलेक्ट्रॉनिक रूप से जमा किया गया हो।
भारतीयों के लिए मतलब -both ways gonna loose
यह बदलाव अमेरिका में रहने वाले उन भारतीय नागरिकों के लिए खास तौर पर अहम हो सकता है जो इनमें से किसी भी फ़ॉर्म का इस्तेमाल करते हैं, जिनमें योग्य छात्र, एक्सचेंज विज़िटर और अपना स्टेटस बढ़ाने या बदलने की चाह रखने वाले अन्य नॉन-इमिग्रेंट शामिल हैं। फ़ॉर्म I-539 का इस्तेमाल कुछ नॉन-इमिग्रेंट करते हैं जो अपने प्रवास की अवधि बढ़ाना चाहते हैं या अपना स्टेटस बदलना चाहते हैं, जबकि फ़ॉर्म I-765 का इस्तेमाल योग्य विदेशी नागरिक करते हैं जो एम्प्लॉयमेंट ऑथराइज़ेशन डॉक्यूमेंट (जिसे आम तौर पर EAD कहा जाता है) पाना चाहते हैं।
हालाँकि, हर इमिग्रेशन आवेदक फ़ॉर्म I-539 का इस्तेमाल नहीं कर सकता। USCIS का कहना है कि रोज़गार-आधारित कई कैटेगरी में प्रवास की अवधि बढ़ाने या स्टेटस बदलने के अनुरोध फ़ॉर्म I-539 के बजाय फ़ॉर्म I-129 के ज़रिए फ़ाइल किए जाने चाहिए। इनमें H-1B, H-1B1, H-2A, H-2B, H-3, L-1, O-1, O-2, P, Q-1, R-1 और TN जैसी कैटेगरी के मुख्य आवेदक शामिल हैं।
USCIS की चेतावनी
इसलिए आवेदकों को यह पक्का करना होगा कि वे सही फ़ॉर्म और सही वर्शन का इस्तेमाल कर रहे हैं। USCIS चेतावनी देता है कि गलत फ़ॉर्म पर अनुरोध फ़ाइल करने से आवेदन रिजेक्ट या अस्वीकार हो सकता है और अगर केस अस्वीकार कर दिया जाता है, तो फ़ाइलिंग फ़ीस वापस नहीं की जाएगी।
15 सितंबर की समय-सीमा के आसपास I-539 या I-765 फ़ाइल करने की तैयारी कर रहे भारतीय छात्रों और अन्य योग्य आवेदकों के लिए वर्शन की तारीख खास तौर पर अहम होगी। समय-सीमा के बाद पुराना वर्शन जमा करने पर आवेदक का आवेदन रिजेक्ट हो सकता है, जबकि 15 सितंबर से पहले नया वर्शन जमा करने पर भी उसे स्वीकार नहीं किया जाएगा।









