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CJP Protest in Delhi : कॉकरोच जनता पार्टी’ के दिल्ली में 5 सितंबर को विरोध मार्च पर रोक नहीं : सुप्रीम कोर्ट

August 31, 2026 8:37 AM
CJP Protest in Delhi : कॉकरोच जनता पार्टी' के दिल्ली में 5 सितंबर को विरोध मार्च पर रोक नहीं : सुप्रीम कोर्ट
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आयोजक-अधिकारी शांतिपूर्ण ढंग से, कानून के अनुसार करें अपना काम

नई दिल्ली। CJP Protest in Delhi : सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को दिल्ली में 5 सितंबर को ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के प्रस्तावित विरोध मार्च पर रोक लगाने का कोई भी आदेश देने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने कहा कि उसे उम्मीद है कि आयोजक और अधिकारी शांतिपूर्ण ढंग से और कानून के अनुसार काम करेंगे।

चीफ जस्टिस सूर्य कांत की अध्यक्षता वाली बेंच, जिसमें जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना भी शामिल थे, ने याचिकाकर्ता को निर्देश दिया कि वह अपनी चिंताएं उस ‘हाई-पावर्ड इंक्वायरी कमेटी’ के सामने रखे, जिसे कोर्ट ने NEET विरोध प्रदर्शनों के दौरान पुलिस हिंसा के आरोपों की जांच के लिए बनाया था।

बेंच ने मामले में नोटिस जारी करते हुए कहा, “इस मामले को लंबित याचिकाओं के साथ लिस्ट किया जाए। इस पर 10 सितंबर को सुनवाई होगी।”

कोर्ट ने कहा कि आयोजकों से कानून-व्यवस्था बनाए रखने की उम्मीद है, जबकि पुलिस और अन्य एजेंसियों की जिम्मेदारी यह तय करना है कि क्या जायज़ है और क्या नहीं।

बेंच ने कहा, “हम उम्मीद करते हैं कि वे उस दायरे में रहकर काम करेंगे। दोनों पक्षों से हमें उम्मीद है कि वे सम्मान करेंगे, सही व्यवहार करेंगे और देश के कानून का पालन करेंगे।”

CJP ने 5 सितंबर को दिल्ली में विरोध मार्च की घोषणा की है। उनका आरोप है कि केंद्र सरकार ने 25 जुलाई को दिए गए उन आश्वासनों को पूरा नहीं किया, जिनके आधार पर समूह ने परीक्षा में गड़बड़ियों को लेकर अपना 36 दिन का आंदोलन वापस लिया था।

5 सितंबर को होने वाले मार्च (जो टीचर्स डे के दिन है) का नेतृत्व उन छात्रों के परिवार करेंगे जिन्होंने NEET परीक्षा रद्द होने और उसके बाद दोबारा परीक्षा होने के कारण आत्महत्या कर ली थी, और साथ ही वे लोग भी शामिल होंगे जिनके साथ जुलाई के विरोध प्रदर्शनों के दौरान कथित तौर पर पुलिस ने ज्यादती की थी।

दिल्ली पुलिस ने पहले कहा था कि उसे CJP से इंडिया गेट से दिल्ली पुलिस मुख्यालय तक जुलूस निकालने का कोई अनुरोध नहीं मिला है, जबकि समूह ने मार्च की योजना की घोषणा कर दी थी।

सुप्रीम कोर्ट में यह याचिका दिल्ली पुलिस के रिटायर्ड अधिकारी राजेंद्र सिंह ने दायर की थी। इसमें इंडिया गेट, सेंट्रल विस्टा और आसपास के इलाकों जैसे सुरक्षा की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर लोगों के जुटने, मार्च या संगठित प्रदर्शनों के खिलाफ निर्देश देने की मांग की गई थी, जब तक कि इसके लिए पहले से अनुमति न ली गई हो।

याचिकाकर्ता ने लुटियंस दिल्ली में किसी भी प्रस्तावित जमावड़े को रेगुलेट करने, टालने या उसमें बदलाव करने की भी मांग की, ताकि यह 12-13 सितंबर को होने वाले ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन के बाद हो। एक और मांग में यह सुनिश्चित करने के लिए निर्देश देने को कहा गया कि कोई भी जुलूस लागू अनुमतियों और नियमों के अनुसार ही चले और तय सीमा से आगे न बढ़े।

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