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Himachal Rain Disaster : 157 लोगों की मौत, हाई अलर्ट

August 12, 2026 7:12 AM
Himachal Rain Disaster : 157 लोगों की मौत, हाई अलर्ट
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Himachal Rain Disaster . हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश के चलते 30 जून से अब तक 157 लोगों की मौत हो चुकी है और कुल नुकसान 886 करोड़ रुपये से ज़्यादा हो गया है। राज्य में सड़कों, बिजली के बुनियादी ढांचे, पानी की सप्लाई सिस्टम, घरों और अन्य सार्वजनिक व निजी संपत्तियों को बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचा है। कई जिलों में बचाव और बहाली का काम चल रहा है।

हिमाचल प्रदेश सरकार की ओर से जारी नुकसान की ताज़ा रिपोर्ट के मुताबिक, 30 जून से 9 अगस्त के बीच बारिश से जुड़ी घटनाओं में 157 लोगों की मौत हुई है, जबकि 257 लोग घायल हुए हैं। दो लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं।

राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश का खतरा बना हुआ है, इसलिए अधिकारी हाई अलर्ट पर हैं।

मौत के 157 मामलों में से 68 मौतें प्राकृतिक घटनाओं जैसे भूस्खलन, डूबने, सांप के काटने और गिरने से हुईं, जबकि 89 लोगों की मौत इस दौरान सड़क हादसों में हुई।

चंबा में सबसे ज़्यादा 24 मौतें दर्ज की गईं, इसके बाद कांगड़ा और कुल्लू में 21-21 मौतें हुईं। शिमला में 20 मौतें हुईं, जबकि लाहौल और स्पीति में 18 मौतें दर्ज की गईं।

हिमाचल में 106 सड़कें बंद
लगातार हो रही बारिश ने पहाड़ी राज्य में सड़क संपर्क को बुरी तरह प्रभावित किया है। स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशन्स सेंटर (SEOC) की ताज़ा रिपोर्ट के मुताबिक, 106 सड़कें बंद हैं।

कुल्लू सबसे ज़्यादा प्रभावित जिलों में से एक है, जहां कुल्लू, बंजार, आनी और निरमंड सब-डिविजन में 40 सड़कें बंद हैं। मंडी में 38 सड़कें बंद हैं, खासकर सेराज, थलौट और आसपास के इलाकों में। शिमला में भी नौ सड़कें बंद हैं।

मॉनसून ने राज्य भर में बिजली सप्लाई को भी प्रभावित किया है, 66 डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफॉर्मर रीजन (DTR) खराब बताए गए हैं। इनमें से 63 प्रभावित DTR मंडी में हैं।

पानी की सप्लाई भी प्रभावित हुई है, राज्य भर में 19 योजनाएं बाधित हुई हैं। शिमला में पानी की सप्लाई की 12 योजनाओं को नुकसान पहुंचा है, इसके बाद हमीरपुर में पांच और बिलासपुर में दो योजनाएं प्रभावित हुई हैं।

880 से ज़्यादा निजी इमारतों को नुकसान
बारिश से निजी संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचा है। घरों, दुकानों और पशुओं के बाड़ों समेत 880 से ज़्यादा इमारतों को नुकसान पहुंचा है। सरकार के कुल आकलन के अनुसार, निजी संपत्ति को 483.565 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। कुल 64 घर पूरी तरह से नष्ट हो गए हैं, जिनमें 22 पक्के और 42 कच्चे घर शामिल हैं। इसके अलावा 255 घरों को आंशिक नुकसान पहुंचा है, जिनमें 94 पक्के और 161 कच्चे घर शामिल हैं।

इस नुकसान में 13 दुकानें या कारखाने, तीन लेबर शेड, 217 गौशालाएं और तीन पनचक्कियां या श्मशान घाट भी शामिल हैं।

पूरी तरह से नष्ट हुए घरों के मामले में कांगड़ा सबसे बुरी तरह प्रभावित जिला बनकर उभरा है, जहां 17 पक्के और 20 कच्चे घर नष्ट होने की सूचना है।

मानसून के कारण हुए वित्तीय नुकसान का सबसे बड़ा हिस्सा सार्वजनिक बुनियादी ढांचे को उठाना पड़ा है।

लोक निर्माण विभाग (PWD) ने 66,279.1 लाख रुपये के नुकसान, जल शक्ति विभाग को 20,389.51 लाख रुपये का नुकसान हुआ है।

बिजली क्षेत्र में 530.61 लाख रुपये का नुकसान हुआ है, जबकि शिक्षा क्षेत्र को 214.2 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। कृषि और बागवानी में नुकसान का अनुमान क्रमशः 72.04 लाख रुपये और 6.92 लाख रुपये लगाया गया है।

कुल मिलाकर, राज्य सरकार ने 9 अगस्त तक कुल मौद्रिक नुकसान का अनुमान 88,637.55 लाख रुपये, यानी 886 करोड़ रुपये से अधिक लगाया है।

हिमाचल प्रदेश में 201 जानवरों और पक्षियों के नुकसान की सूचना है, जिससे अनुमानित 33.605 लाख रुपये का वित्तीय नुकसान हुआ है।

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