चंडीगढ़:
Punjab Govt को Punjab and Haryana High Court ने बड़ा झटका देते हुए सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के महंगाई भत्ते (DA) मामले में राहत देने से इनकार कर दिया है। कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि वह सिंगल बेंच के उस आदेश पर रोक लगाने के पक्ष में नहीं है, जिसमें राज्य सरकार को IAS, IPS, IFS और न्यायिक अधिकारियों के बराबर 58% DA देने का निर्देश दिया गया था।
क्या है मामला?
8 अप्रैल को हाई कोर्ट की सिंगल बेंच ने आदेश दिया था कि पंजाब सरकार सभी सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को समान दर से DA जारी करे। इसके खिलाफ पंजाब सरकार ने डिवीजन बेंच में अपील दायर की थी।
सरकार की दलील
सुनवाई के दौरान पंजाब सरकार ने कहा कि राज्य इस समय गंभीर वित्तीय संकट से गुजर रहा है और तुरंत पूरा बकाया जारी करना मुश्किल है। हालांकि सरकार ने यह भी माना कि वह DA बकाया देने के लिए तैयार है।
हाई कोर्ट की सख्त टिप्पणी
सरकार की वित्तीय तंगी वाली दलील पर कोर्ट ने तीखी प्रतिक्रिया दी। बेंच ने कहा:
“अगर पंजाब हर बार इतने बड़े वित्तीय संकट की बात करता है, तो राज्य में वित्तीय आपातकाल घोषित क्यों नहीं कर दिया जाता?”
यह टिप्पणी सुनवाई के दौरान सबसे ज्यादा चर्चा में रही।
कोर्ट ने क्या कहा?
- 30 जून तक DA बकाया जारी करने की समय सीमा फिलहाल बरकरार।
- हालांकि कोर्ट ने संकेत दिया कि यदि सरकार भुगतान का स्पष्ट शेड्यूल पेश करती है तो समय सीमा बढ़ाने पर विचार किया जा सकता है।
- पंजाब सरकार को 25 मई तक विस्तृत जवाब दाखिल करने का आदेश दिया गया है।
अगली सुनवाई
अब मामले की अगली सुनवाई सरकार के विस्तृत जवाब के बाद होगी। इस फैसले पर राज्य के लाखों कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की नजरें टिकी हुई हैं।










